जानिए कंपनी ने क्या कहा

जानिए कंपनी ने क्या कहा

ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स ने कहा है कि फैबिफ्यू कोराना यानी कोविड-19 इलाज के लिए खाने वाली फेविपिराविर पहली दवा है। इसे मंजूरी मिल गई है। कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर ग्लेन सल्दान्हा के अनुसार यह दवा ऐसे समय में आई है, जब भारत में पहले के मुकाबले अधिक तेजी से कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों की तादाद बढ़ रही है। इससे हमारा हेल्थ केयर सिस्टम काफी दबाव में है। उन्होंने उम्मीद जताई कि फैबिफ्लू जैसे प्रभावी इलाज की उपलब्धता से इस दबाव को काफी हद तक कम करने में मदद मिलेगी।

यह दवा खाने वाली है

यह दवा खाने वाली है

ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर ग्लेन सल्दान्हा ने कहा है कि क्लीनिकल ट्रायल में फैबिफ्लू ने मामूली कोरोना संक्रमित मरीजों में बेहतर नतीजे दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह दवा खाने वाली है, इसलिए इलाज के लिए बेहतर विकल्प है।

सरकार के साथ मिलकर करेंगे काम

सरकार के साथ मिलकर करेंगे काम

ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर ग्लेन सल्दान्हा ने कहा कि कंपनी और सरकार के साथ मिलकर काम करेगी, ताकि देश भर में कोरोना संक्रमित मरीजों को यह दवा आसानी से मुहैया कराई जा सके। इस दवा को डॉक्टर की सलाह के आधार पर खाने के लिए कंपनी ने कहा है।

जानिए दवा की कीमत और इसकी डोज

जानिए दवा की कीमत और इसकी डोज

इस दवा की कीमत 103 रुपये प्रति टैबलेट है। पहले दिन इस दवा की 1800 एमजी की खुराक 2 बार लेनी चाहिए। इसके बाद 14 दिन तक रोज 800 एमजी दवा दिन में 2 बार लेना चाहिए। यह दवा डायबिटीज और हार्ट की बीमारी से पीड़ित लोगों को भी दी जा सकती है। दवा कंपनी ने कहा कि इस दवा से 4 दिन में ही कोरोना वायरस के संक्रमित मरीजों में सुधार दिखने लगता है। इसमें तेजी से लक्षणों और रेडियोलॉजिकल में सुधार होना शुरू हो जाता है।

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